• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

कोविड-19 प्रकृति के पुनः जीवित करने का वरदान पर मानवजाति के लिये अभिषाप

1 min read

 

विश्व पृथ्वी दिवस पर दिख रहा है प्रकृति का खुद को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया……

NEWS TODAY (रवि कुमार गुप्ता)बरवाडीह/लातेहार:-कोविड-19 जहा वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रहा है।मानवजाति पर कोरोना रूपी विपत्ति का कहर ढाह रहा है।लोग घरों में बंद रहने पर मजबूर है।क्योंकि लगभग पूरा विश्व मे आज के तारीख लॉक डाउन है।जिस कारण बड़े-बड़े काल-कारखाने बंद पड़े है।सड़को पर वाहन नही चल रहे तथा अन्य तरह के वैसे कार्यो में भारी कमी आई है जिसका सीधा प्रभाव वातावरण पर पड़ता था। जिस कारण प्राकृति प्रदूषित होती थी।
आज विश्व धरती दिवस(वर्ल्ड अर्थ डे) है।इस लॉक डाउन में प्रकृति खुद को फिर से सजा सवार रही है सुबह में पंक्षियों की मधुर ध्वनि कानो में बरबस ही एक सुरुली तान सुना रही है जो विगत दो दशकों से कही खो सी गई थी।शहरों में बहने वाली नदियां कल-कल कर निर्मल अमृत धारा के रूप में बह रही है।कोयल की कुक,गौरेया की चहचहाना पूरे वातावरण को छंकृत कर रही है।अगर प्रकॄति अपनी मूल स्वभाव में कैसे लौट रही है यह देना है तो बेतला नेसनल पार्क में देखने को मिल सकता है।जहा लोग डाउन में पर्यटकों के लिये पार्क बंद कर दिया गया।जहाँ अब जंगली जीव बिना किसी डर भय के स्वच्छंद रूप से विचरण करते हुए नज़र आ रहे है।
इस वर्ल्ड अर्थ दिवस पर इनके लिये सबसे अच्छा माहौल मिला है।प्रकृति सबसे बड़ा नुकसान हम मनुषयो के द्वारा तीव्र गति से औधोगिकीकरण एवं प्रकृति संसाधनों का बेहताशा दोहन के कारण हुआ है।लोग अपनी प्रगति में भूल जाते है कि प्रकृति जब खुद पर आती है। संसार मे भूचाल ला देती है।हम सभी मानवजाति का परम कर्तव्य बनता है कि हम अपनी माँ और माटी की कद्र करते है उसी तरह प्रकॄति का भी सम्मना करे।आज के कोविड-19 समस्या के ऐसा लग रहा है प्रकृति खुद को रिबूट कर रही है।आये हम सभी इस विश्व अर्थ डे एक वचन ले कि आने वाले समय मे प्रकृति का सम्मान करें,ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ प्रकृति एवं साफ वातावरण मिले।जिसकी शुरुआत हमे आज से ही करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.