लद्दाख, अण्डमान और नार्थ ईस्ट में फंसे मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से वापस लाने की झारखण्ड सरकार ने केंद्र से मांगी अनुमति

लद्दाख, अण्डमान और नार्थ ईस्ट में फंसे मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से वापस लाने की झारखण्ड सरकार ने केंद्र से मांगी अनुमति

NEWS TODAY रांची वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के चलते लागू किया गया लॉकडाउन चौथे चरण में प्रवेश कर चुका है. ऐसे में काम-धंधे सब ठप पड़ गए हैं. रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाने के चलते प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटना चाहते हैं ऐसे में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को चार्टड प्लेन से वापस लाने की अनुमति मांगी है.
बताते चले कि झारखंड सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी भेजा गया है जिसमें लद्दाख, अण्डमान और नार्थ ईस्ट  में फंसे मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से वापस लाने की अनुमति मांगी है. झारखंड सरकार का कहना है कि लद्दाख, अण्डमान और नार्थ ईस्ट में फंसे मजदूरों को बस या ट्रेन से लाना संभव नहीं है. इसलिए अगर गृह मंत्रालय इन इलाकों के मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से लाने की अनुमति दे देती है तो उनकी सुरक्षित घर वापसी कराई जा सकती है.

ये भी पढ़े…

महाराष्ट्र से लौट कर गुपचुप तरीके से रह रहे तीन लोगों को किया क्वॉरेंटाइन, ग्रामीणों ने दी थी सर्वे टीम को सूचना

झारखंड सरकार ने 12 मई को भी मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से लाने की अनुमति मांगी थी. लद्दाख में करीब 200, उत्तर-पूर्वी राज्यों में करीब 450 श्रमिक अब भी फंसे हुए हैं. झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि गृह मंत्रालय चार्टर्ड प्लेन की अनुमति दे देगा तो इन मजदूरों की सम्मान पूर्वक घर वापसी सुनिश्चित हो सकेगी.NBT में छपी रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमति मिलने के बाद झारखंड में डेढ़ लाख प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here