यह जलमीनार नाम का या काम का, पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

संवाददाता- विवेक चौबे !

NEWSTODAYJ:पलामू : सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर जगह-जगह गांव में जलमिनार लगवाया गया है। ताकि ग्रामीण पानी के लिए इसे उपयोग में ला सकें। वहीं यदि जलमीनार का केवल ढांचा तैयार कर खड़ा किया गया हो और ग्रामीणों को जलमीनार से एक बूंद भी पानी न मिले तो यह हास्यपद ही है। जबसे कोरोना को लेकर लॉक डाउन हुआ है तबसे लेकर अबतक उंटारी रोड प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत लुम्बा सतबहिनी पंचायत के उरांव टोला गवरलेटवा में स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के परिसर में लगा जलमीनार बेकार साबित हो रहा है। इस संबंध में युवा नेता सह समाजसेवी- अजय गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत मुखिया- अनिता देवी के द्वारा यह जलमीनार लगवाया गया है। इस प्रकार इस पंचायत में केवल सरकार के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है

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श्री गुप्ता ने बताया कि पहाड़ के गोद में बसा उरांव टोला गवरलेटवा, जहां पर 95 प्रतिशत गरीब आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं। वहां पर ना ही कोई नेता और ना ही कोई सरकारी बाबू पहुंचते हैं। साथ ही श्री गुप्ता ने बताया कि 3 माह पूर्व प्राथमिक विद्यालय उरांव टोला गवरलेटवा में जलमीनार लगाया गया था, किन्तु मोटर का स्विच विद्यालय के अंदर कार्यालय में लगाया गया है। वहीं तकरीबन 2 माह से चापानल ख़राब स्थिति में पड़ा हुआ है। लगाया गया जलमीनार का सारा नल टूटा हुआ है। इस समस्या से निजात दिलाने हेतु ग्रामीणों ने समाजसेवी- अजय गुप्ता से गुहार लगाई हैउन्हें ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर में इस जलमीनार को लगने से ग्रामीणों व उक्त विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कोई लाभ नहीं है। जबकि एक जलमीनार पर सरकार द्वारा 3 लाख 84 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। नाम मात्र के खड़े जलमीनार से स्पष्ट होता है कि कागजी घोड़ा दौड़ाने का प्रयत्न किया गया है। अजय गुप्ता ने ग्रामीणों की शिकायत पर उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कर, उक्त जलमीनार को ठीक करा कर उपयोगी बनाने की मांग की है।

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