बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने का दिया प्रस्ताव केंद्र को झारखण्ड ने दिया प्रस्ताव। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…….

नई दिल्ली।

बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने का दिया प्रस्ताव केंद्र को झारखण्ड ने दिया प्रस्ताव। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…….

नई दिल्ली/रांची। केन्द्र और राज्य मिलकर सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करेगा। खनन क्षेत्र में रह रहे लोगों का विकास तथा पर्यावरण अनुकूल राज्य की प्रगति और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई दिल्ली के शास्त्री भवन में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री प्रकाश जावेडकर, केन्द्रीय मंत्री कोयला और खनन श्री प्रलहाद जोशी एवं केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ एक अहम् बैठक में यह बात सबने कही।
सारंडा में पर्यावरण अनुकूल खनन को लेकर अनुशंसा जल्द
बैठक में सारंडा क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल खनन और विकास को लेकर आईसीएफआरआई देहरादून, आईआईटी खड़कपुर तथा आईएसएम धनबाद की एक संयुक्त टीम, जिसमें केंद्र सरकार के इन विभागों के आला अधिकारी व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करते हुए एक समिति का गठन का निर्णय लिया गया है जो इन सभी मुद्दों पर संपूर्णता से विचार करते हुए अपनी अनुशंसा एक निर्धारित समय सीमा पर केंद्र सरकार को सौंपेगी।
बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने का दिया प्रस्ताव
बैठक में बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने के राज्य के सुझाव पर भी केंद्र सरकार ने सकारात्मक पहल की है। साथ ही पर्यावरण संबंधी मामलों में एनजीटी के प्रावधानों एवं दिया संबंधी मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य स्तर पर सिया के माध्यम से क्लीयरेंस में स्पष्टता व तय समय सीमा में निष्पादन हेतु केंद्र सरकार मार्गदर्शन देगी। बैठक में सारंडा के आयरन अयस्क के ब्लॉक से संबंधित मामलों पर राज्य सरकार एवं इस संबंध में दिए गए तकनीकी परामर्शों के अनुकूल कार्य करने का निर्णय लिया गया। जो मामले भारत सरकार से संबंधित है उस पर भारत सरकार पहल करते हुए तय समय में मार्गदर्शन देगी।
रेल के माध्यम से कोयला के परिवहन करने के लिए लेना पड़ेगा ट्रांजिट चालान
बैठक में कहा गया कि कोल इंडिया की कंपनियां जो झारखंड में रेल से कोयला का परिवहन करती हैं उन्हें भी राज्य सरकार से निर्धारित ट्रांजिट चालान लेना होगा ताकि राज्य सरकार को कोयला के परिवहन पर सूचना और नियंत्रण हो सके तथा समानुपातिक राजस्व की भी प्राप्ति हो सके।
बैठक में मंत्री वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग प्रकाश जावेडकर, केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्र सरकार के विभागीय सचिव, अपर सचिव तथा राज्य सरकार से मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, फारेस्ट हेड श्री संजय कुमार, स्थानिक आयुक्त एम आर मीणा, उद्योग सचिव के रवि कुमार, सचिव अबू बकर सिद्दीख पी, मुख्यमंत्री के आप्त सचिव के पी बालियान व अन्य मौजूद थे।

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