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बिजली विभाग की पोल खोलती ये दृश्य-अंधेरे में भजन कीर्तन को मजबूर ग्रामीण

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बिजली विभाग की पोल खोलती ये दृश्य-अंधेरे में भजन कीर्तन को मजबूर ग्रामीण

NEWS TODAY(संवाददाता विवेक चौबे ) गढ़वा : एक ऐसा मंदिर, जहां ग्रामीण अंधेरा में करते हैं,भगवान के भजन-कीर्तन। क्योंकि यहां के भगवान भी रहते हैं,अंधेरा में। श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान में आस्था होने के कारण,बिजली की व्यवस्था नहीं होने पर भी अंधेरा में ही भजन-कीर्तन किया जाता है। जी हां,हम बात कर रहे हैं कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत लमारी कला पंचायत के सबुआँ गांव की। बता दें कि उक्त गांव निवासी- दशरथ श्रीवास्तव के घर के पास ही स्थित एक शिव मंदिर है,जहां न ही मंदिर के लिए प्रकाश,न ही उक्त मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को पीने के पानी की व्यवस्था। सबुआँ व हरिगावां पड़ोसी होने के कारण दोनों गांव के स्थानीय लोगों व युवाओं द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ इस मंदिर के प्रांगण में सप्ताह में एक दिन भजन-कीर्तन किया जाता है। मंगलवार की रात उक्त मंदिर में कीर्तन कर रहे मंडलि के सभी सदस्यों ने बताया कि बिजली की लचर व्यवस्था होने के कारण गांव ही नहीं,बल्कि मंदिर के भगवान भी अंधेरा में ही रहते हैं। लोगों ने बताया कि टॉर्च व मोबाइल के रोशनी पर ही हमलोग किसी प्रकार भजन-कीर्तन किया करते हैं। कीर्तन में युवाओं को गीत-संगीत सीखने का मौका भी मिलता है,किंतु अच्छी व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण युवा आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। बिजली तो बिजली ही, इस मंदिर पर एक चापाकल भी नहीं है। प्यास लगने के बाद दूर व किसी अन्य के निजी चापाकल पर जाना पड़ता है। जबकि इस स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण छठ व्रत भी हर्षोल्लास के साथ किया करते हैं। जबकि भगवान भाष्कर को अधर्य देने के लिए अपने-अपने घर से व्रती पानी लेकर जाते हैं। साथ ही लोगों ने बताया कि मंदिर के बाहर पूर्व मुखिया- कामेश्वर प्रसाद के द्वारा सोलर प्लेट,बैटरी व लाइट लगाया गया था। बाद में वर्तमान मुखिया द्वारा इसका बैट्री नया कहकर बदला गया,किन्तु बैट्री जल्द ही खराब हो जाने के कारण यह सोलर प्लेट अब नाकामयाब साबित हो रहा है। सवाल यह कि बिजली विभाग व संबंधित पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण इस स्थल पर भी बिजली नहीं। साथ ही पंचायती राज होने के पश्चात भी यहाँ पीने के पानी के लिए एक चापाकल भी नहीं। लोगों ने बताया कि यहां एक चापाकल लगाने से केवल श्रद्धालुओं व कीर्तन मंडलियों को ही लाभ नहीं,बल्कि यह मंदिर सबुआँ गांव की मुख्य सड़क पर स्थित है। यह सड़क हरिगावां,पतहरिया,सनननी सहित अन्य गांवों को भी जोड़ती है । इस सड़क से अन्य गांवों के लोग भी गुजरते हैं। गर्मी के दिनों में यात्री थक कर थोड़ा आराम करने के लिए रुकते तो हैं,लेकिन प्यासे लोग पंचायती राज व सरकार को कोसते भी हैं। साथ ही कहा कि बिजली भी इस गांव में आती है,लेकिन आंख मिचौली का खेल खेलकर यूं चली जाती है। कुछ घरों में खूंटे-डंडे के सहारे बिजली जलती भी है तो कई घरों में ढिबरी। वहीं लोगों ने बताया कि पहले दो घण्टे बिजली मिलती थी अब एक घण्टे से भी कम। कब बिजली आयी,कब गयी पता भी नहीं चलता। उपस्थित सभी लोगों ने सरकार,संबंधित पदाधिकारी व समाजसेवी से आग्रह करते हुए इस मंदिर में प्रकाश,राहगीर व श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था शीघ्र कराने के लिए अपील किया है। पुण्य के भागी बनने,गांव को विकसित करने व युवाओं को आगे बढ़ने जैसे इस कार्य के लिए कोई कदम बढ़ाता है या नहीं,यह भी देखना व जानना दिलचस्प ही होगा। मौके पर- भीखू पासवान,प्रमोद कुमार उर्फ बिहारी,भूलू पासवान,पप्पू सिंह,राजेश कुमार,अशोक पासवान सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

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