प्रेम का संदेश देने विदेश से चलकर थाईलैंड बर्मा बांग्लादेश होते हुए झारखंड पहुची:हेना कन

यहाँ देखे वीडियो।

प्रेम का संदेश देने विदेश से चलकर थाईलैंड बर्मा बांग्लादेश होते हुए झारखंड पहुची हेना कन

NEWSTODAY लातेहार:- लातेहार सदर प्रखंड में लंदन निवासी ब्रिटेन निवासी हेना कन करीब 9000 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए झारखण्ड के लातेहार पंहुची। प्रतिदिन 100 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से करने वाली इनकी यात्रा वियतनाम थाईलैंड बर्मा बांग्लादेश होते हुए भारत और अब झारखण्ड के लातेहार में रुकी। 9000 किलोमीटर की यात्रा की शुरुआत हेना ने 2019 में ही की। 1 साल पहले शुरुआत की गई यात्रा में इन्होने कई देशो में मानवता में प्यार बाँटा हैं।
इनका सोचना है कि इंसान को इंसान से प्यार होनी चाहिए। खुशियां बांटना ही मनुष्य का सबसे अच्छा कार्य हो सकता है। इनका कहना है कि महिला भी किसी से कमजोर नहीं है। महिला भी बहुत काम कर सकती है। इसलिए हम प्लेन से यात्रा नहीं करके साइकिल से यात्रा कर रहे हैं। जगह-जगह जाकर के छोटे बड़े सभी जगह से लोगो से मिल सके और उनसे हम बात कर सके, इंसान को इंसानियत से बड़ा कोई चीज नहीं है।हेना ने बताया कि लंदन में इंसानियत खतरे में है। इसलिए हम दूसरे देशों की यात्रा निकले हैं. कि इंसानियत इस धरती से समाप्त नही हो जाये। मैं सभी धर्म का अच्छाई को मानता हूं । हेना पशु प्रेमी है इस बारे में उसने बताया कि मैं पशु से संबंधित किसी प्रकार का आहार नहीं लेती हूं, ना मैं दूध लेती हूं, न मधु लेती हूं । वहीं मैं इंसान द्वारा उत्पादन किया गया अन्न ग्रहण करती हूं।
लोगों को हम कहते हैं कि इंसान प्राकृतिक से प्रेम करें. प्राकृतिक को नष्ट नहीं करें। इनका व्यक्तिगत जीवन के बारे में पूछने पर हेना ने बताया कि मेरे दादा रविंद्र नाथ बनर्जी कोलकाता के थे और मेरा दादी लंदन की थी। हम लोग पूरा परिवार लंदन में ही रहते हैं । 1960 में मेरी दादी कोलकाता में रही है ।
इनके साथ कनसका पौदार रांची से चलकर के लातेहार आए, और इनका विदाई करके पुनः रांची चले गए। भाषा को अपने लिए बाधक नहीं मानते हुए उन्होंने बताया कि वियतनाम वर्मा सहित हर देश बहुत ही अच्छे हैं प्राकृतिक से भरा पूरा है बांग्लादेश में वहां प्राकृतिक बहुत ही अच्छा है इंसान में थोड़ी कमी है। भारत कुछ और है। भारत में इंसानियत का जीता जागता उदाहरण है। यहां के लोग हमको कोई परेशान नहीं करते हैं। सब लोग सहयोग करते हैं । उसने कहा भारत इस बेस्ट आई लव यू इंडिया।
बताते चले की हेना को कल रात्रि में आश्रय देने वाला कोई नहीं था वहीं जब इस बात का पता प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश रजक को पता चला तो उन्होंने त्वरित सक्रियता दिखाते हुए इनका परिसदन में आश्रय की व्यवस्था करवाएं साथ ही सेवा के लिए धर्मेंद्र को नियुक्त किये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here