पेरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजनें के पक्ष मे नहीं, नो वैक्सीन नो स्कूल अभियान से जुड़े

पेरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजनें के पक्ष मे नहीं, नो वैक्सीन नो स्कूल अभियान से जुड़े

NEWS  TODAY – पुरे देश मे कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन किया गया. देशभर के स्कूल-कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को भी बंद कर दिया गया. पर अब लॉक डाउन को धीरे धीरे अनलॉक किया जा रहा है. जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिश लगातार की जा रही हैं. इस कड़ी में 16 मार्च से बंद पड़े देशभर के स्कूल-कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को दोबारा से खोलने की प्रकिया शुरू करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है.

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केंद्र सरकार के अनुसार स्कूल-कॉलेज दोबारा खोलने पर फैसला सभी हितधारकों से बात करके जुलाई में लिया जाएगा. लेकिन देशभर के पेरेंट्स स्थिति सामान्य होने तक स्कूल खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं.देशभर के पेरेंट्स जुलाई में स्कूल खोले जाने को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं.पेरेंट्स ने एक ऑनलाइन याचिका
No Vaccine, no school की मुहीम चलायी है जिसमें पेरेंट्स ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए शर्त रखी है.

इस मुहीम मे लगातार देशभर के पेरेंट्स जुड़ रहे है अभी दो लाख से भी अधिक पेरेंट्स जुड़ गए है.इस याचिका में कहा गया है कि स्कूल तब तक दोबारा नहीं खोले जाने चाहिए जब तक राज्य में कोविड19 के मामले शून्य न हो जाएं या फिर कोई वैक्सीन न आ जाए.पेरेंट्स जितना अधिक समय तक संभव हो सके, ऑनलाइन पढ़ाई को ही जारी रखना चाहते हैं.

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याचिका में कहा गया है कि जुलाई में स्कूल खोलने का फैसला लेना सरकार का सबसे खराब और आग से खेलने जैसा होगा.मौजूदा एकेडमिक सीजन में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखनी चाहिए. अगर स्कूल यह दावा कर रहे हैं कि वो वर्चुअल लर्निंग के माध्यम से अच्छा काम कर रहे हैं तो इसे बाकी के एकेडमिक सीजन में जारी रखने में भला क्या परेशानी है.

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