• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

 ‘पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस’ ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजी गई

1 min read

मुंबई।

 ‘पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस’ ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजी गई

मुंबई। महिलाओं की समस्या पर केंद्रित डॉक्युमेंट्री फिल्म के लिए भारतीय फिल्म निर्माता गुनीत मोंगा की फिल्म ‘पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस’ को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट कैटिगरी के लिए ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजा गया है। इस फिल्म को रयाक्ता जहताबची और मैलिसा बर्टन ने निर्देशित किया है।Image result for  'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजी गई ईरानी-अमेरिकन फिल्म डायरेक्टर रयाक्ता ने ऑस्कर जीतने पर कहा कि ‘उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि पीरियड्स पर बनी फिल्म ने ऑस्कर जीता है।’ अवॉर्ड जीतने के बाद गुनीत मोंगा ने भी ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, ‘हम जीत गए। इस धरती पर मौजूद हर लड़की यह जान ले कि वह देवी है… हमने उनको पहचान दिलाई है।’
यह फिल्म भारतीय पृष्ठभमि पर आधारित फिल्म है जिसमें पीरियड्स के मुद्दे को उठाया गया है। फिल्म की कहानी हापुड़ में स्थित एक गांव की उन महिलाओं के इर्द गिर्द घूमती है जिन्हें पैड्स उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को बीमारियां चपेट में ले लेती हैं जो मौत का कारण भी बनती है। इस 26 मिनट की फिल्म में वह पहलू भी दिखाया गया जिसमें पैड न होने के कारण लड़कियां स्कूल तक नहीं जा पाती हैं। इस स्थिति से गुजरते हुए एक दिन उनके यहां पैड मशीन लगाई जाती है, जिसके बाद महिलाओं को पैड के बारे में पता चलता है। महिलाएं इस बारे में जागरुकता फैलाने के साथ ही खुद भी पैड बनाने का भी फैसला करती हैं। गांव के रूढ़िवादी लोग इस पर आपत्ति उठाते हैं और अड़चनें पैदा करते हैं। हालांकि, महिलाएं पीछे नहीं हटतीं और डटकर इसका सामना करती हैं। उनके इस पैड प्रोजेक्ट को विदेश से भी सहायता मिलती है। वह अपने सैनिटरी नैपकिन को ‘फ्लाई’ नाम देती हैं जिसका मतलब होता है उड़ना।

इस नाम को देने के पीछे की वजह लड़कियों की मासिक धर्म से होने वाली परेशानियों से आजादी होती है। गौरतलब है कि गुनीत मोंगा ‘लंच बॉक्स’ और ‘मसान’ जैसी क्रिटिकल अक्लेम फिल्म को भी प्रोड्यूस कर चुकी हैं। फिल्म ‘पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस’ का ऑस्कर में बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट कैटिगरी अवॉर्ड के लिए ‘ब्लैक शीप’, ‘एंड गेम’, ‘लाइफबोट’ और ‘अ नाइट एट दी गार्डन’ फिल्मों से मुकाबला था।

NEWSTODAYJHARKHAND.COM

Leave a Reply

Your email address will not be published.