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पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा रहे चीन की बेल्ट एंड रोड पर चल रहे विकास कार्य। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर………

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पेरिस।

पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा रहे चीन की बेल्ट एंड रोड पर चल रहे विकास कार्य। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर………

पैरिस। चीन की बेल्ट एंड रोड पर चल रहे विकास कार्य से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इस बात का खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। बताते चलें कि चीन की बेल्ट एंड रोड’ (बीआरआई) योजना के तहत विभिन्न देशों में चल रहे विकास कार्य और कार्बन उत्सर्जन के कारण पैरिस जलवायु समझौते के तहत तय हुए लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है। यह आकलन एक वैश्विक रिपोर्ट में किया गया है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि बीआरआई के तहत एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और यूरोप में बंदरगाहों, रेलवे, सड़क और औद्योगिक पार्क का नेटवर्क बिछाने के लिए 126 देशों में खरबों डॉलर का निवेश होगा। इन परियोजनाओं के लिए चीन पर्याप्त धन मुहैया करा रहा है। निजी क्षेत्र भी इसमें निवेश कर रहे हैं जबकि विरोधियों ने इसके पर्यावारण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक केवल बीआरआई योजना के कारण होने वाला कार्बन उत्सर्जन ही पैरिस जलवायु लक्ष्य को पटरी से उतार सकता है। वर्ष 2015 में हुए पैरिस जलवायु समझौते में सभी देशों ने मिलकर औद्योगीकरण से पहले के तापमान के मुकाबले वैश्विक तापमान में वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने का लक्ष्य तय किया है। शिन्हुआ सेंटर फॉर फायनेंस एंड डिवेलपमेंट ने कहा कि चीन को छोड़कर बीआरआई योजना में शामिल 126 देशों की, मानव जनित कार्बन उत्सर्जन में 28 फीसदी की हिस्सेदारी है। इस योजना के तहत विभिन्न तरीकों से 17 देशों में बड़े बंदरगाहों, पाइपलाइन, रेलवे लाइन और राजमार्गों का विकास किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस, ईरान, सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे देशों को वैश्विक तापमान वृद्धि 2 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिए अपने कार्बन उत्सर्जन में मौजूदा स्तर से 2050 तक 68 फीसदी की कमी लानी होगी।

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