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धनबाद जिले को छह माह में मिलेगी बिजली संकट से मुक्ति : महाप्रबंधक

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(धनबाद)

धनबाद जिले को छह माह में मिलेगी बिजली संकट से मुक्ति : महाप्रबंधक….!

धनबाद:-/कम राजस्व के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती पर लगेगी रोक झाविमो से वार्ता में  विद्युत महाप्रबंधक ने की घोषणा
धनबाद : पूरे धनबाद जिले को छह महीने में बिजली संकट से मुक्ति मिलेगी। इसके लिए ट्रांसमिशन सिस्टम खड़ा किया जा रहा है। जिलेभर में केबल बदला जा रहा है। यह घोषणा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड धनबाद के महाप्रबंधक यूके सिंह ने बुधवार को झारखंड विकास युवा मोर्चा प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता में की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व झाविमो जिलाध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा एवं युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप चौधरी कर रहे थे। युवा मोर्चा ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर 22 जून को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। महाप्रबंधक ने प्रदर्शन के संदर्भ में झाविमो को वार्ता के लिए आमंत्रित किया थामहाप्रबंधक ने वार्ता में बताया कि धनबाद जिला डीवीसी के कमांड एरिया में है। धनबाद जिले को प्रति माह तीन सौ मेगावाट बिजली की जरूरत है। डीवीसी इतना बिजली देती है लेकिन हमारे पास लेने का साधन नहीं है। इसकी तैयारी विभाग कर रहा है। छह महीने में इसकी व्यवस्था कर ली जाएगी। वार्ता में जिलाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि लोड शेडिंग का शिकार सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्र हो रहा है। कम राजस्व के नाम पर बिजली कटौती हो रही है। इस पर तत्काल रोक लगना चाहिए। महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोड शेडिंग के नाम पर बिजली कटौती पर रोक लगाई जाएगी। ज्ञान रंजन ने बताया कि एमपीएल बिजली धनबाद में पैदा करती है और बाहर बेचती है। जमीन, पानी, मजदूर सभी धनबाद का है लेकिन धनबाद व झारखंड को बिजली नहीं देता है। नियम के तहत 25 प्रतिशत बिजली एमपीएल को धनबाद को देना चाहिए। महाप्रबंधक ने इस पर सैद्धांतिक सहमति जताई। वार्ता में सभी प्रखंडों में बिजली बिल वसूली के लिए एटीपी मशीन लगाने की मांग की। गावों में घर-घर बिजली बिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वार्ता में झाविमो केंद्रीय कमेटी सदस्य योगेंद्र यादव, फिरोज दत्ता, कैप्टन प्रदीप मोहन सहाय, प्रेम सोरेन आदि ने भाग लिया।NEWSTODAYJHARKHAND.COM

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