• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

धनबाद के जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया वीर सुभाष चंद्र के चश्मे पर ध्यान

1 min read



न्यूज टुडे


धनबाद के जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया वीर के चश्मे पर ध्यान हम बात कर रहे हैं वीर सुभाष चंद्र बोस जी का धनबाद के नया बाजार श्रमिक चौक के पास काफी पुराना सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा है पूर्व में किसी गाड़ी से उनकी प्रतिमा पर टक्कर लग गई थी जिसके कारण प्रतिमा टूट गया था फिर प्रतिमा को अच्छी तरह से बनाया गया पर सवाल यह उठता है प्रतिमा तो बन गई पर महान हस्ती सुभाष चंद्र बोस जी की चश्मे पर किसी ने अब तक ध्यान नहीं दिया वही मौके पर आज जब उनकी प्रतिमा को माल्यार्पण करने की बारी आई तो कुछ देर पहले उनके चश्मे को लगाया गया माला अर्पण करने के लिए वही मौके पर धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल साथ में नगर आयुक्त और कुछ गणमान्य लोग भी मौजूद थे वही मौके पर राष्ट्रीय जनता दल पार्टी के महानगर अध्यक्ष मुमताज कुरैशी ने कहा कि हमने प्रतिमा पर लगे चश्मा नहीं होने का खबर धनबाद के मेयर धनबाद के नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों को दिया था पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई!बिना चश्मे की वीर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा।

आजादी की बात हो और नेताजी सुभाष बोस का जिक्र ना हो, ऐसा भला हो सकता है क्या, सुभाष चंद्र बोस केवल एक इंसान का नाम नहीं है बल्कि ये नाम है उस वीर का है जिनकी रगों में केवल देशभक्ति का खून बहता था। बोस भारत मां के उन वीर सपूतों में से एक हैं, जिनका कर्ज आजाद भारतवासी कभी नहीं चुका सकते हैं।

अपनी मातृभूमि को गुलामी की जंजीर से आजाद कराने के लिए खुशी-खुशी अपना लहू बहाने वाले इस लाल के बारे में आइए जानते हैं विस्तार से!

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओड़िशा के कटक शहर में हुआ था।

उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था।

जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे।

बोस एक संभ्रात परिवार से थे इसलिए इन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त हुई थी।

इन्होंने कलकत्ता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से उन्होंने दर्शनशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की थी।

साल 1919 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए इंग्लैंड पढ़ने गए।

इन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए 1920 में आवेदन किया और इस परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया। लेकिन भारत मां के इस दुलारे बेटे ने जब जलियावाला बाग वाला नरसंहार देखा तो इनका मन व्यथित हो गया और इन्होंने 1921 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद बोस महात्मा गांधी जी के संपर्क में आए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए।

फाइल फोटो।

गांधी जी के निर्देशानुसार उन्होंने देशबंधु चितरंजन दास के साथ काम करना शुरू किया। 1928 में जब साइमन कमीशन आया तब कांग्रेस ने इसका विरोध किया। 1928 में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में कोलकाता में हुआ। उस दौरान गांधी जी पूर्ण स्वराज की मांग से सहमत नहीं थे, वहीं सुभाष को और जवाहर लाल नेहरू को पूर्ण स्वराज की मांग से पीछे हटना मंजूर नहीं था। अन्त में यह तय किया गया कि अंग्रेज सरकार को डोमिनियन स्टेटस देने के लिये एक साल का वक्त दिया जाये। अगर एक साल में अंग्रेज सरकार ने यह मांग पूरी नहीं की तो कांग्रेस पूर्ण स्वराज की मांग करेगी। परन्तु अंग्रेज़ सरकार ने यह मांग पूरी नहीं की इसलिये 1930 में जब कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में लाहौर में हुआ और वहां तय किया गया कि 26 जनवरी का दिन स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

न्यूज टुडे झारखंड आप को रखे आप के आस पास के खबरो से आप को आगे आप हमें ईमेल भी कर सकते है& newstoday jharkhand@gmail.com watsaap 9386192053/

Leave a Reply

Your email address will not be published.