दो साल के लिए अनुबंध पर आईआरसीटीसी में था बहाल-6 माह के भीतर ही नोटिस थमाकर दिया निकाल

दो साल के लिए अनुबंध पर आईआरसीटीसी में था बहाल-6 माह के भीतर ही नोटिस थमाकर दिया निकाल

NEWSTODAYJ  कोरोना काल के संकट का असर अब निजी क्षेत्रों से लेकर सरकारी क्षेत्रों में भी झलकने लगी हैl एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारें निजी कंपनियों को किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकालने की नसीहत व चेतावनी दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी आईआरसीटीसी ने अपने अनुबंधकर्मियों को निकालने का फरमान जारी कर दिया है। दरअसल नवंबर 2019 में देश में 500 से अधिक कैटरिंग सुपरवाइजर (हॉस्पीटेलिटी) को दो साल के लिए अनुबंध पर बहाल किया गया था। इनमें ईस्ट जोन के लिए 90 पर्यवेक्षकों को बहाल कर उन्हें ट्रेनिंग दी गई थी।

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करीब 12 सुपरवाइजर धनबाद मंडल के अलग-अलग स्टेशनों पर तैनात हैं। अनुबंध का कार्यकाल भले ही दो साल रखा गया था, लेकिन छह माह के अंदर ही उन्हें नौकरी से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। एकाएक आए कॉरपोरेशन के इस आदेश से सुपरवाइजरों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। आईआरसीटीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर से लेकर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री तक को चिट्ठी लिख कर सुपरवाइजरों ने फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

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