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दिल्ली: गंगा में शव फेंके जाने के बाद अब केंद्र सरकार करवाएगी गंगा के पानी का जांच,पता लगाएगी पानी में कोरोनावायरस मौजूद है या नहीं!

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दिल्ली: गंगा में शव फेंके जाने के बाद अब केंद्र सरकार करवाएगी गंगा के पानी का जांच,पता लगाएगी पानी में कोरोनावायरस मौजूद है या नहीं!

 

NEWSTODAYJ_दिल्ली:कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान गंगा नदी में शव फेंके जाने संबंधी खबरों के मद्देनजर केंद्र यह पता लगाने के लिए अध्ययन कर रहा है कि नदी के पानी में सार्स-सीओवी-2 या नोवल कोरोना वायरस मौजूद है या नहीं. लखनऊ स्थित भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) के निदेशक सरोज बारिक ने कहा कि कई चरणों में अध्ययन किया जा रहा है और कन्नौज एवं पटना के 13 स्थलों से नमूने पहले ही एकत्र कर लिए गए हैं. बारिक ने कहा कि विषाणु विज्ञान संबंधी अध्ययन के दौरान, पानी में मौजूद वायरस के आरएनए को निकाला जाएगा और उसमें कोरोनावायरस का पता लगाने के लिए आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि आईआईटीआर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के अधीन एक संस्थान है. इस अध्ययन के तहत नदी की जैविक विशेषताओं की जांच भी की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण के लिए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया सोमवार से आरंभ होगी. अप्रैल-मई में कोरोनो वायरस की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान नदी में शव पाए जाने के बाद राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने यह अध्ययन कराने का फैसला किया था.ये भी पढ़ें प्रयागराज: गंगा का जल स्तर बढ़ने से दफनाए गए शवों का नदी में बहने का बढ़ा खतरा

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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पिछले सप्ताह ट्वीट किया था, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में गंगा नदी में शव फेंके जाने की रिपोर्ट के मद्देनजर हम नदी के जल को संदूषित होने से रोकने के लिए हालात पर नजर रख रहे हैं, मौजूदा प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं और नियमित अध्ययन कर रहे है.’’

एनएमसीजी के कार्यकारी निदेशक डी पी माथुरिया ने कहा, ’इन स्थितियों (नदी) में वायरस जीवित नहीं रहता है. हालांकि, हमने साक्ष्य-आधारित अध्ययन करने का फैसला किया.’ विभिन्‍न घाटों पर बड़ी संख्या में शव गंगा नदी में मिले थे. जिसके बाद गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी. जबकि प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई थी. मीडिया में जब ये तस्‍वीरें वायरल हुई तो प्रशासन हरकत में आया और मामले को जांच के टीम बनाई गई. प्रशासन की टीमें लगातार इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं जबकि जिले में कई टीमें गंगा नदी पर गश्त के जरिये निगरानी कर रही हैं. विभिन्‍न स्‍थानों पर शवों को दफनाने के लिए प्रशासन आगे आया था.

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