झारखंड के कुलदीप उरांव आतंकियों से लड़ते हुए कश्मीर में शहीद, पिता ने कहा- सरकार बदला ले…

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शहीद कुलदीप उरांव की फाइल फोटो। कुलदीप के पिता घनश्याम उराव सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान हैं। कुलदीप की पत्नी कोलकाता पुलिस में कॉन्स्टेबल है। कुलदीप के दो छोटे बच्चे हैं जो अपने मां के साथ कोलकाता में रहते हैं।

कुलदीप सीआरपीएफ की 118वीं बटालियन में पोस्टेड थे, आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान हुए शहीद

शहीद कुलदीप के पिता हैं सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान, पत्नी कोलकाता पुलिस में हैं कॉन्सटेबल

NEWSTODAYJ साहेबगंज : कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के मालबाग इलाके में गुरुवार की रात सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में साहेबगंज निवासी सीआरपीएफ जवान कुलदीप उरांव शहीद हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। शुक्रवार की सुबह साहेबगंज में कुलदीप के पिता ने भी बताया कि आरपीएफ कमांडेंट ने उन्हें फोन करके इसकी सूचना दी है।

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उनके पिता ने बताया कि अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षाबल और आतंकवादियों की तलाश में जुटे हैं। इलाके की घेराबंदी की गई है। मुठभेड़ के दौरान हो रही फायरिंग में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक हेड कॉन्स्टेबल कुलदीप उरांव शहीद हो गए। कुलदीप सीआरपीएफ की 118वीं बटालियन में पोस्टेड थे, और झारखंड के साहिबगंज जिले के निवासी थे।
अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ हजरतबल दरगाह के पास स्थित मालबाग इलाके में मुठभेड़ हुई। खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि जब तलाशी अभियान चलाया जा रहा था तभी छिपे हुए आतंकवादी ने सुरक्षाबलों पर गोली चला दी। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

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शहीद कुलदीप उरांव के पिता और भाई। शहीद के पिता घनश्याम राव ने कहा कि सीआरपीएफ में मैंने भी सेवा की है और मेरे बेटा भी सीआरपीएफ में सेवा करते हुए शहीद हुआ है। इस बात का हमें गर्व है।जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षाबल के अधिकारियों ने बताया कि शुरू में सीआरपीएफ के तीन जवान जख्मी हुए। घायल जवानों को 92-बेस सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल सीआरपीएफ जवान कुलदीप ने अस्पताल में ही अंतिम सांसे लीं। इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलायीं।कुलदीप के पिता घनश्याम उराव सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान हैं। कुलदीप की पत्नी कोलकाता पुलिस में कॉन्स्टेबल है।

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कुलदीप के दो छोटे बच्चे हैं जो अपने मां के साथ कोलकाता में रहते हैं। साहेबगंज में उनके पिता और भाई रहते हैं। शहीद के पिता घनश्याम राव ने कहा कि सीआरपीएफ में मैंने भी सेवा की है और मेरे बेटा भी सीआरपीएफ में सेवा करते हुए शहीद हुआ है। इस बात का हमें गर्व है लेकिन सरकार को आतंकवादी घटनाओं से सबक लेते हुए कोई स्थाई निदान करना चाहिए ताकि हमारे वीर जवान इस तरह शहीद ना हो। शहीद कुलदीप उरांव के पिता वर्तमान में नगर परिषद के वार्ड नंबर 28 के वार्ड पार्षद भी हैं।

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