• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

जैप 3 के जवान और उनके परिवार जर्जर आवास में रहने को मजबूर कभी भी हो सकता है एक बड़ा हादसा

1 min read

धनबाद।

समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे……….9386192053…

जैप 3 के जवान और उनके परिवार जर्जर आवाज में रहने को मजबूर कभी भी हो सकता है एक बड़ा हादसा……..

(गोविंदपुर)  एक ओर झारखण्ड सरकार पुलिस को सशक्त बनाने के लिए अरबों रुपए का बजट प्रावधान कर रही है। नए-नए पुलिस बैरक और स्मार्ट थानों का निर्माण करवाया जा रहा है……..

वही दूसरी और धनबाद के गोविंदपुर में जैप 3 के जवान और उनके परिवार जर्जर आवाज में रहने को मजबूर हैं । आवासों की स्थिति इतनी अधिक क्षतिग्रस्त है कि कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है…..

आए दिन छतों के छज्जे टूटकर गिरते रहते हैं। कई आवासों में जवानों के सोने के स्थान और किचेन में छत के ऊपर से रिसता हुआ पानी उनकी नींद को खराब कर रहा होता है।जैप 3 के जवानों की क्या है बेबसी देखिये इस रिपोर्ट में…..

झारखंड के धनबाद में अवस्थित जैप 3 का मुख्यालय गोविंदपुर में 1962 से अवस्थित है। झारखंड के पुनर्गठन से पहले यह BMP 3 के नाम से जाना जाता था। अधिकारी और कांस्टेबल के साथ-साथ प्रशिक्षु जवानों को मिलाकर तकरीबन 1000 के आसपास की आबादी यहाँ की है…..

ये सभी ना सिर्फ जर्जर आवास बल्कि पेयजल की सुविधा भी जवानों को ठीक से उपलब्ध नहीं है।10 से ज्यादा डीप बोरिंग हुई पर सभी फेल हो गयी।डीप बोरिंग में पानी ही नही। मैथन जलापूर्ति के पानी का ठीक से भंडारण नहीं हो पाता है।कारण है बड़ी-बड़ी पानी की टंकियों का उपलब्ध नहीं होना….

जवानों और जवान की पत्नियों की माने तो इनका कहना है कि खौफ के साए में इनकी रातें गुजरती है।डर लगा रहता है कि कभी सोते वक्त छत का प्लास्टर या पूरी की पूरी छज्जा ही न गिड़ जाए। और अगर नोयडा जैसी घटना अगर घटी तो एक साथ कई बिल्डिंग धरासाई हो जाएगी और जान माल की भी काफी क्षति होगी।
जैप हवलदार
जैप जवान की पत्नी

न सिर्फ ऑन ड्यूटी जवान बल्कि एक शहीद जवान का परिवार भी इसी आवास में रहता है ।उनकी पत्नी माधुरी देवी का कहना है कि 2001 में तोपचाची नक्सली हमला कांड में उनके पति शहीद हो गए थे ।उसके बाद सरकार से सब कुछ मिला बेटे को नौकरी भी मिली।

लेकिन जब जैप के अंदर नए भवन का निर्माण कराया गया तो उससे एक फ्लैट भी नहीं दिया गया जिसका मलाल उन्हें आज भी है और वह भी इसी जर्जर छत के नीचे रहने को विवश हैं

माधुरी देवी—शहिद जवान की विधवा।

जेप के जवानों की दुर्दशा को बताते हुए पुलिस मेंस एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष प्रदीप यादव ने न्यूज़ टुडे झारखंड, को बताया कि तमाम वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है कई दफा उन्होंने अपने स्तर से भी पत्राचार किया है लेकिन फाइल कहां अटकी पड़ी है यह उन्हें आज तक समझ में नहीं आया।

प्रदीप यादव –अध्यक्ष पुलिस मेंस एसोसिएशन जैप 3

जवानों के जर्जर आवास की मरम्मतीकरण या उन्हें नए आवास कब तक मिलेंगे इन तमाम सवालों को लेकर जब जैप 3 कमांडेंट निधि द्विवेदी को संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

कई दफा फोन नहीं उठाए जाने के बाद जब हमारे संवाददाता उनके कार्यालय पर पहुंचे तो वह वहां भी मौजूद नहीं थी । ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जैप 3 में रहने वाले किसे अपना दुखड़ा सुनाएंगे।

रखे आप को आप के आस पास के खबरो से आप को आगे.newstodayjharkhand.com watsaap 9386192053

Leave a Reply

Your email address will not be published.