जारी किये गए झारखण्ड में स्कूल खुलने के दिशा निर्देश-इन नियम और मानकों द्वारा संचालित की जाएगी स्कूल

[URIS id=45547]

जारी किये गए झारखण्ड में स्कूल खुलने के दिशा निर्देश-इन नियम और मानकों द्वारा संचालित की जाएगी स्कूल

NEWSTODAYJ  स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर का ई मॉडल लांच किया।  इसी के साथ अनलॉक-2 खत्म होने के बाद राज्य के सरकारी स्कूल खुलने से पहले साफ-सफाई और स्कूल संचालन के मानक कर लिए गए हैं।  स्कूल खुलने से पहले अच्छी तरह से सेनिटाइजेशन कराना होगा। सबसे पहले सभी शिक्षकों को कोरोना से बचाव संबंधी रजिस्ट्रेशन व परीक्षा पास करनी होगी और सर्टिफिकेट लेना होगा। अब तक 50 हजार शिक्षकों ने कोरोना जागरुकता संबंधी परीक्षा पास कर सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है। इस मॉड्यूल में प्रधानाध्यापकों व विद्यालय प्रबंधन समिति को  कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय स्वच्छता के नियमों और स्कूल भवनों को संक्रमण मुक्त रखने के उपायों के बारे में बताया गया है।

ये भी पढ़े..

कॉमर्शियल माइनिंग पर नहीं बनी बात-कर्मचारी करेंगे 3 दिन की हड़ताल

स्कूल खुलने के साथ साथ नियम और प्रतिबंध की बात करे तो स्कूलों में प्रार्थना सभा नहीं की जाएगीl साथ ही खेलकूद भी स्थगित रहेंगेl स्कूल शुरू होने, मध्याह्न भोजन और छुट्टी का हर क्लास के लिए अलग-अलग समय होगाl क्लास में दो बेंच के बीच दूरी रहेगीl बीमार बच्चे, शिक्षक व कर्मचारी स्कूल नहीं आएँगेl बीमार होने की स्थिति में घर पर ही रह कर पढ़ाई करनी होगी पढ़ाईl शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए दबाव ना डालेंl क्लास में अनुपस्थिति की मॉनिटरिंग करें, पहले की अपेक्षा ज्यादा हुई तो स्वास्थ्य केंद्र में सूचित करेंl स्कूल बंद होने पर बच्चों को दिया जाए होमवर्कl स्कूलों में नियमित साफ-सफाई, हाथ धोने के लिए साबुन व  पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगीl

ये भी पढ़े..

35 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ झारखण्ड में कुल आंकड़ा 2525-धनबाद से मिले 6

अनलॉक-2 खत्म होने के बाद स्कूल खुलने पर पहले दिन बच्चे शपथ पत्र  भरेंगे। बच्चे बताएंगे कि उनके परिवार से कोई सदस्य विदेश या महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा या अन्य किसी दूसरे राज्य से आए हैं या नहीं। परिवार के कोई सदस्य या पड़ोसी होम कोरंटाइन पर रहे हैं या नहीं। परिवार की कोई सदस्य कोविड-19 से पीड़ित लोगों के संपर्क में आए हैं या नहीं। बच्चे को बुखार, खांसी, सर्दी आदि की जानकारी देनी होगी। वहीँ यह विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेवारी बनती है कि बच्चों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हो तो नियमित रूप से स्कूल आने को प्रेरित करेंl बच्चों  के स्वास्थ्य पर नजर रखें – स्कूल में समन्वय बनाकर रखें  और शिक्षकों का सहयोग करेंक

इसके अलावा कोरोना को लेकर छात्र-छात्राओं के लिए बचाव के उपाय और जागरूकता को लेकर बताया गया कि

  • कोरोना से भयभीत ना हो समस्या पर शिक्षकों से बात करें और बचाव की जानकारी लें
    अपने आंख, नाक और मुंह छूने से बचें
    20 से 40 सेकंड तक हाथ साफ करें
    अपने खाने के बर्तन को दूसरों के साथ साझा ना करें
    पानी पीने से पहले हर बार गिलास अच्छी तरह से धो लें
    खांसी या छींक आने पर मुड़ी हुई केहूनी से मुंह व नाक को ढके
    बुखार खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो तो तुरंत शिक्षक को बताएं
    एक दूसरे के बीच 1 मीटर की दूरी बनाए रखें
    किसी बीमार साथी के साथ बुरा बर्ताव ना करें

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here