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जल शक्ति अभियान को बनाएं जन आंदोलन, पानी के किफायती इस्तेमाल पर हो फोकस : गजेंद्र सिंह शेखावत 

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रांची।

जल शक्ति अभियान को बनाएं जन आंदोलन, पानी के किफायती इस्तेमाल पर हो फोकस : गजेंद्र सिंह शेखावत 

रांची। जल की एक-एक बूंद जीवनदायनी है. पानी की बर्बादी नहीं हो, यह केंद्र सरकार की विशेष प्राथमिकता है. बारिश के पानी के संचयन व संवर्द्धन के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है. हर हाल में भूगर्भ जलस्तर बढ़ाना है ताकि आने वाली पीढ़ी को जल संकट का सामना नहीं करना पड़े. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य मंत्री श्री रतन लाल कटारिया ने आज होटल रैडिशन ब्लू में जल शक्ति मंत्रालय की समीक्षात्मक बैठक में ये बातें कही. उन्होंने झारखंड सरकार को आश्वासन दिया कि जल संरक्षण और संचयन के लिए योजनाओं का कंक्रीट और कंप्लीट प्रपोजल भेजें, केंद्र उसे स्पांसर करेगी. इस बैठक में श्री शेखावत ने राज्य में चल रही जल संचयन और बारिश के पानी की बर्बादी को रोकने के लिए चलाए जा रहे योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली. शेखावत ने कहा कि जल शक्ति की योजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में है, इनके क्रियान्वयन में कोई कमी नहीं रह जाए. समय पर इन योजनाओं को पूरा करें, विलम्ब होने से योजना की लागत बढ़ती है और लोगों के उसका लाभ भी नहीं मिल पाता है. अगर केंद्र से मदद की जरूरत पड़ेगी तो उसके लिए मंत्रालय पूरी तरह तैयार है. श्री शेखावत ने कहा कि जल संरक्षण औऱ संचयन के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाए, उसकी पूरी यूटिलिटी होनी चाहिए. यह बेहतर होगा कि इन योजनाओं का समय-समय पर थर्ड पार्टी असेसमेंट कराएं. उन्होंने यह भी कहा कि जल संचयन की योजनाओं को शुरु करने के पूर्व इससे संबंधित विभागों में समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि इसे बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिल सके. उन्होंने जल संरक्षण को लेकर बड़ी योजनाओं की बजाय छोटी-छोटी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया. श्री शेखावत ने समीक्षा बैठक में राज्य में जल संसाधन और पेयजल से जुड़े लंबित योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए जो भी मदद की जरूरत पड़ेगी सरकार उसे हरसंभव पूरा करेगी, बर्शते इन योजनाओं का लाभ लोगों तक सुनिश्चित किया जा सके. इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से सुवर्णरेखा परियोजना, उत्तर कोयल नदी परियोजना, बुढ़ई परियोजना, कोनार नहर परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, कनहर पाइप लाइन परियोजना के चल रहे कार्यों से जल शक्ति मंत्रालय को अवगत कराया गया और इन योजनाओं को पूर्ण करने में केंद्र से मदद की भी मांग की गई. झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंठा ने कहा कि झारखंड राज्य के लिए केंद्र की जल शक्ति अभियान काफी उपयोगी और सार्थक है. झारखंड में औसतन 1200 मिलीमीटर बारिश होती है,लेकिन पठारी इलाका होने की वजह से ज्यादातर बारिश का पानी बहकर बर्बाद हो जाता है पर इस अभियान के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं से बारिश के पानी का काफी हद तक संचयन किया जा सकता है. उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को बताया कि केंद्र ने दो जिलों में इस अभियान को शुरु करने की स्वीकृति दी थी, पर राज्य सरकार ने सभी 24 जिलों के 263 प्रखंडों के हर गांव में इस अभियान को चला रही है.

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