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क्या है लॉकडाउन, क्यों करते हैं लॉकडाउन, किन-किन देशों में है लॉकडाउन–लॉकडाउन से सम्बंधित पुर्ण जानकारी न्युज टुडे झारखण्ड पर

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जरूरत की चीजों या सर्विस के लिए घर से एक वक्त में एक ही व्यक्ति बाहर निकलेगे- उपायुक्त मुकेश कुमार….

NEWSTODAY (ब्यूरो चीफ-बबलु कुमार)बोकारो:- भारत मे कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए झारखंड में इसके प्रसार को रोकने के लिए कड़े सामाजिक अलगाव उचित एवं आवश्यक हो गया है। इस बीमारी से भारत समेत पूरे विश्व के देशों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

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महामारी रोग अधिनियम 1897 की धारा 2, 3 एवं 4 के तहत झारखंड राज्य महामारी रोग (कोविद-19) विनियम, 2020 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए झारखंड सरकार अपने क्षेत्राधिकार में आगामी 31 मार्च, 2020 तक पूर्णतया तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। इसी के तहत उपायुक्त मुकेश कुमार ने भी आगामी 31 मार्च, 2020 तक लाॅक डाउन (तालाबंदी) करने का आदेश जारी किया गया है।

उपायुक्त बोकारो ने जिलेवासियों को घरों में रहने की सलाह दी है-
उपायुक्त मुकेश कुमार ने जिले वासियो को घरों में ही रहने की सलाह दी जाती हैं। सिर्फ जरूरत की चीजों या सर्विस के लिए घर से कोई भी व्यक्ति बाहर निकल सकते है। इसके अलावे रेस्टोरेंट्स और अन्य जरूरत की सुविधाओं को सिर्फ टेक अवे की परमिशन दी गई है जिसका मतलब ये कि इन जगहों से खाना लोग मंगवा सकते हैं या यहां से ले जा सकते हैं लेकिन यहां पहले की तरह बैठ कर खाना नहीं खा सकते। इमरजेंसी और लाॅ एंड ऑर्डर मेंटेन रखने के लिए जिन ऑफिसों को खोलने की जरूरत होगी उसे ही नोटिफाई कर खोला जायेगा।

इन सभी पर रहेगी पाबंदियां लागू
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद किया गया है। बसें, टैक्सियां और ऑटोरिक्शा का परिचालन नही होगा। जरूरत के सामान की ये दुकानें जैसे-राशन दुकान, फूड की दुकान, दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां, स्टोर और सुपरमार्केट्स खुले रहेंगे

इन सभी सेवाएं पर नही रहेगी पाबंदी….

1. बैंक और एटीएम खुले रहेंगे, इमरजेंसी, लाॅ एंड ऑर्डर से संबंधित सभी कार्यालय जैसे- उपायुक्त कार्यालय, अनुमण्डल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय सहित सभी जिला स्तरीय कार्यालय एवं सभी स्वस्थ्य कार्यालय, सभी पुलिस स्टेशन।

2. रेल और एयर ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिसिटी, वाटर और एमसी, टेलिकाॅम, इंटरनेट और केबल ऑपरेटर, पोस्टल सर्विसेज
ई काॅमर्स और होम डिलिवरी…..

3. अस्पताल, कैमिस्ट, ऑप्टिकल स्टोर और फार्मा मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस, ऑयल एजेंसियां और उनके गोदाम।
अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है। अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सकती है। अस्पताल, दवा दुकानों जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहती हैं।

इन कार्यालयों व प्रतिष्ठानो को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है-
पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवा, कारा सेवाएं, राशन दुकान, बिजली, पेयजल आपूर्ति एवं नगरपालिका सेवाएं, बैंक, एटीएम, प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के कार्यालय, टेलीकॉम, इंटरनेट सेवाएं, आईटी आधारित सेवाएं, पोस्टल सेवाएं, खाद्य आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवाएं, खाद्य, दवा एवं चिकित्सा उपकरण सहित आवश्यक वस्तुओं की ई कॉमर्स आपूर्ति,खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, दूध, ब्रेड, फल एवं सब्जी के परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियां।टेक अवे, होम डिलीवरी रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल, दवा दुकान, चश्मे का दुकान एवं दवा उत्पादन की गतिविधियां एवं संबंधित परिवहन। पेट्रोल, डीजल पंप एवं एलपीजी, सीएनजी गैस के परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियां। उत्पादन एवं निर्माण इकाइयां जिन्हें निरंतर प्रक्रिया की आवश्यकता है।

लॉकडाउन क्या है-
लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है।

क्यों करते हैं लॉकडाउन-
किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।

किन-किन देशों में है लॉकडाउन-
चीन, डेनमार्क, अल सलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड और स्पेन में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। चूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोनावायरस संक्रमण का मामला सामने आया था, इसलिए सबसे पहले वहां लॉकडाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।

कब-कब हुआ लॉकडाउन-
अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन का लॉकडाउन किया गया था। दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए लॉकडाउन किया था। 19 अप्रैल, 2013 को बोस्टन शहर को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था। नवंबर 2015 में पैरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रुसेल्स में पूरे शहर को लॉकडाउन किया गया था।

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