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छात्र संगठन NSUI ने UGC के खिलाफ , थाली पीटकर और काला पट्टा लगाकर विरोध प्रदर्शन किया…

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NEWSTODAYJ : रांची । छात्र संगठन NSUI ने UGC के खिलाफ अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। सदस्यों ने झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा चौक के समीप थाली पीटकर और काला पट्टा लगाकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी द्वारा कोरोना काल में परीक्षा लेने एवं फीस माफी के लिए प्रदर्शन किया। झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षा को रद्द कर छात्रों को प्रोमोट करने की मांग की।

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प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने किया। उन्होंंने कहा कि छात्रों द्वारा परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इसे यूजीसी अनसुना कर रहा है। नींद में सोई है। इसलिए झारखंड एनएसयूआई ने सांकेतिक रूप से थाली बजाकर यूजीसी को जगाने का प्रयास किया।

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यूजीसी के साथ-साथ केंद्र सरकार भी छात्रों के साथ पूरी तरह अन्याय कर रही है। झारखंड के सारे विश्वविद्यालय और कॉलेजों की परीक्षा को रद्द कर छात्रों को प्रोमोट कि‍या जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की सभी तरह की फीस माफ कर देनी चाहिए। कोरोना काल में छात्रों पर आर्थिक संकट आया है, ऐसे में किसी तरह का शुल्क लेना ठीक नहीं होगा।

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श्री सिंह ने कहा कि परीक्षाएं कराना केंद्र सरकार का ‘संकीर्ण नजरिया’ है। इस फैसले से छात्रों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा है। अगर आईआईटी बॉम्बे फाइनल इयर की एग्जाम कैंसिल कर सकता है तो बाकी विश्वविद्यालय ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। आईआईटी बॉम्बे ने विकल्प के तौर पर पिछले साल के छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है।

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छात्र संगठन का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते पूरे देश के परिवारों का जीवन अस्त व्यरस्तन है। ऐसी परिस्थिति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तुगलकी फरमान जारी कर विश्विद्यालय को परीक्षा कराने के निर्देश दिए है। अभी छात्रों का आधे से ज्यादा कोर्स पढ़ाया जाना बाकी है।

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एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष ने छात्रों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द इस तुगलकी फरमान को वापस लेने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर NSUI उग्र आंदोलन करेगा। मौके पर आकाश रजवार, प्रणव राज, अमन यादव, आकाश, हिमांशु, आमिर, अब्दुल राबनवाज, राजू, गौतम मौजूद थे।

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