छतरपुर में दो वर्षो बाद होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया शुरू, कितना सही कितना गलत-सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं के हैशटैग से गूंज रहा सोशल मीडिया

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छतरपुर में दो वर्षो बाद होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया शुरू, कितना सही कितना गलत-सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं के हैशटैग से गूंज रहा सोशल मीडिया

NEWSTODAYJ छतरपुर/पलामू(निरंजन सिन्हा)छतरपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के करीब दो वर्षों बाद अन्य नगर पंचायतों के भांति यहां भी होल्डिंग टैक्स व ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ।

प्रक्रिया की शुरुआत होते ही लोगो में काफी नाराज़गी है व इसे लेकर स्थानीय लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर एक ही स्वर में की सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं की बाते गूंज रही है साथ ही जानकारी के अनुसार जमीन पर भी इसके विरोध की तैयारी की जा रही है ।
क्या है विरोध का कारण

होल्डिंग टैक्स चुकाने से लोगो को कोई आपत्ती नहीं है लेकिन लोगो का कहना है कि पिछले दो वर्षो में जब छतरपुर में नगर पंचायत की सुविधा नहीं बहाल हो पाई तो टैक्स क्यों साथ ही नगर पंचायत की जनता लगातार ये सवाल भी करती रही है कि पूर्व में नगर पंचायत को मिले अनुदान के करोड़ों रुपए का सदुपयोग क्यों नहीं हो पाया । साथ ही ये भी की इस आर्थिक मंदी में ही लोगो के पॉकेट पर ये अतिरिक्त बोझ क्यों डाला गया ।
लोगो का गुस्सा भी लाजमी है और ये गुस्सा एक दिन का नहीं है वर्षो से क्षेत्र को मिल रही उपेक्षाओं का नतीजा है । अंचल फिर अनुमंडल मुख्यालय फिर नगर पंचायत सारी उपाधि के बाद भी क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं की मोहताज रही है। विधानसभा के भी दायरे में सबसे अधिक मतदाताओं वाला क्षेत्र होने के बावजूद किसी विधायक ,सांसद ने अपनापन नहीं दिखाया ।
लेकिन इन सब तक जनता की पहुंच आसान नहीं थी वहीं नगर अध्यक्ष स्थानीय होने के बावजूद भी जब लोगो को उम्मीद के अनुसार कार्य नहीं दिख रहा तो सारी पुरानी और वर्तमान की अंदेखियो से उत्पन गुस्से का कोपभाजन नगर अध्यक्ष को बनना पड़ रहा ।

क्या कहते है नगर अध्यक्ष

छतरपुर नगर अध्यक्ष मोहन जायसवाल ने कहा कि होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया राज्य सरकार के द्वारा अब इतने समय बाद आनन फानन में शुरू कि गई है जिसका टेंडर भी सूडा के द्वारा नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र का हनन करते हुए खुद ही कर दिया गया है जिसका विरोध नगर अध्यक्ष सहित सभी नगर निकायों के प्रतिनिधि कर रहे है इस मामले को रांची की मेयर आशा लकड़ा के द्वारा हाई कोर्ट तक भी ले जाया गया है व जल्द ही इसका फैसला आयेगा । साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि टैक्स के मूल्य निर्धारण में भी नगर निकायों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता ये राज्य सरकारें व उच्च स्तरीय समिति तय करती है ।
साथ ही पूर्व में मिले अनुदान के सवाल पर उन्होंने बताया कि नगर पंचायत को वास्तविक मायने में फंड लॉक डाउन के कुछ समय पहले ही प्राप्त हुआ है जिसके बाद तुरंत उसका सदुपयोग करते हुए टेंडर निकाला गया । साथ ही पूर्व में पच्चीस लाख की राशि आईं थी व नगर पंचायत कार्यालय के रख रखाव के लिए थी जिसमें से करीब छह लाख रुपए शेष है जिन्हे विशेष परिस्थिति के लिए रखा गया है । वहीं आने वाले एक हफ्ते के अंदर स्ट्रीट लाइट को लेकर भी प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी ।
एनएच पर जल जमाव इत्यादि को लेकर नगर अध्यक्ष ने बताया कि एनएच अभी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और उस पर चाह कर भी यदि कुछ कराया जाए तो आे गैर कानूनी होगा ।
गर्मी में नगर पंचायत अंतर्गत सरकारी चापानल की स्थिति बहुत ही खराब रही जिसके सवाल के जवाब उन्होंने बताया कि इस बाबत कोई भी फंड नहीं प्राप्त हुआ पूर्व में करीब डेढ़ लाख रुपए का जो खर्च हुआ था उसका भी भुगतान आज तक नहीं हो पाया।
साथ ही उन्होंने बताया कि इस महामारी में जो सड़कों कि साफ सफाई , सनेटाइजेशन कराई गई ओ वार्ड पार्षद व खुद के निजी खर्च पर किया गया है जिसका भुगतान नहीं किया गया है ।
पिछले दो वर्षो से वार्ड पार्षद सहित नगर अध्यक्ष को भी किसी तरह की वेतन नहीं दिए जाने की बाते बताते हुए नगर पंचायत अंतर्गत परमानेंट कार्यपालक सहित अन्य कर्मचारियों के कमी की भी बाते कही ।
वहीं होल्डिंग टैक्स मिलने के बाद क्षेत्र में क्या बदलाव दिखेगा इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिर शहर में प्रतिदिन साफ सफाई होगी , अन्य मरम्मती का कार्य नियमित तौर पर किया जाएगा साथ ही सभी कार्यों में मीडिया के माध्यम से पारदर्शिता बरती जाएगी ।

क्या है होल्डिंग टैक्स

अगर आपके नाम पर प्रॉपर्टी है तो आपको कई टैक्स चुकाने पड़ते हैं। एेसा ही एक टैक्स जो मकानमालिक को सालाना स्थानीय निकाय संस्थाओं और राज्य सरकार को देना पड़ता है, वह है होल्डिंग टैक्स। भारत में प्रॉपर्टी का मालिक होना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। निकाय संस्थाओं के लिए शहर प्रबंधन और रखरखाव के लिए प्रॉपर्टी टैक्स राजस्व का एक अहम स्रोत होता है।

होल्डिंग टैक्स निर्धारण में में ‘प्रॉपर्टी’ शब्द का मतलब अचल संपत्तियों से है, जिन पर किसी का मालिकाना हक है। यह रिहायशी, कमर्शियल या किसी को रेंट पर दी हुई जमीन हो सकती है। राज्य सरकार ने गणना का जो फॉर्म्युला नोटिफाई किया हुआ है, उसके आधार पर संपत्ति के मालिक को बतौर प्रॉपर्टी टैक्स कुछ पैसा स्थानीय निकाय संस्थाओं को देना होता है। चूंकि हर प्रॉपर्टी एक संपत्ति है, इसलिए उस पर सालाना टैक्स सरकार को भुगतान करना अनिवार्य होता है। लेकिन इसकी एक रसीद जरूर ले लेनी चाहिए, जो भविष्य में इसे बेचते वक्त यह साबित करती है कि आपकी प्रॉपर्टी पर कोई बकाया नहीं है।

कैसे कैलकुलेट होता है प्रॉपर्टी टैक्स
चूंकि यह राज्य का विषय है, इसलिए इसकी गणना के लिए कोई तय फॉर्म्युला नहीं है। आमतौर पर सभी राज्यों में टैक्स की गणना करने का तरीका एक जैसा ही है। हालांकि फॉर्म्युले में मानी जाने वाली चीजों में निकाय अधिकारी बदलाव कर सकते हैं। नगर अध्यक्ष ने बताया कि प्रावधान के अनुसार प्रति स्क्वायर फीट के लिए प्रॉपर्टी वैल्यू का निर्धारण अनुमंडल पदाधिकारी के अध्यक्षता में किया जाता है जो कि छतरपुर के लिए 9.33 रुपए /sq feet निर्धारित है ।
समझिए क्या है होल्डिंग टैक्स व ट्रेड लाइसेंस कैलकुलेशन की गणित छतरपुर में

मुख्य बाते

1. ट्रेड लाइसेंस नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले सभी दुकानों व अन्य तरह के व्यवसाय के लिए बनवाना अनिवार्य होगा । जिसके लिए मूल्य निर्धारण है वह इस प्रकार है कि 0-99 वर्ग फीट के दुकानों का प्रति वर्ष 300 का खर्च आएगा तो 100 -499 तक का 500 रुपए /वर्ष साथ ही 500 -999 को 1500 रुपए तो 1000 से अधिक वर्ग फीट के लिए 2500 अधिकतम होगा ।

2. 250 सौ वर्ग फीट से कम में निर्मित भवनों का होल्डिंग टैक्स नहीं देना होगा । लेकिन उनको भी SAF फॉर्म भरना होगा ताकी होल्डिंग नंबर मिल सके ।
नोट :-होल्डिंग नंबर लेना अनिवार्य है

3. सालो भर पूर्ण रूप से खेती की जमीन को टैक्स से मिलेगी छूट ।

4. खेल मैदान , सरकारी भूमि पर भी टैक्स नहीं ।

5. नगर पंचायत क्षेत्र में संपत्ति का निर्धारित वार्षिक किराया (ARV ) मूल्य का दो प्रतिशत होल्डिंग टैक्स लिया जाएगा ।
6. साथ ही हाल ही में संपति मूल्य के निर्धारण में हुए बदलाव के अनुसार निर्मित आवासीय क्षेत्र का 70 फीसदी तो गैर आवासीय निर्मित क्षेत्र का अस्सी फीसदी क्षेत्रफल के कर का भुगतान करना होगा ।

7. अर्थात यदि किसी व्यक्ति की निर्मित आवासीय भवन सौ स्क्वायर फीट में है तो आपसे सतर स्क्वायर फीट के लिए ही टैक्स लिया जाएगा वही अगर सौ स्क्वायर फीट गैर आवासीय भवन है तो आपसे अस्सी स्क्वायर फीट का ही टैक्स लिया जाएगा ।

8. निर्मित भवनों को तीन प्रकार में विभाजित किया गया है पहला पक्का छत ( आरसीसी रूफ) दूसरा अल्बेस्टर इत्यादि का छत ( एसीसी रूफ) तीसरा इन सब के आलावा

9.साथ ही सड़कों के भी अलग अलग प्रकार विभाजित है पहला प्रधान सड़क जो कि चालीस फीट से अधिक की सड़क दूसरी मुख्य सड़क बीस से चालीस फीट के बीच की सड़क तीसरी अन्य सड़के जिनमें बीस फीट से कम की सड़क आती है ।
10. प्रधान सड़क पर खाली जमीनों के लिए 1.5 प्रति वर्ग मीटर मुख्य सड़क पर 1.0 प्रति वर्ग मीटर अन्य पर .50 प्रति वर्ग मीटर ये राशि अधिकतम 250 प्रति एकड़ होगी ।

होल्डिंग टैक्स = *वेस वैल्यू* ( 9.33/sq feet /month ) × *महीना* ( एक साल के लिए 12 से गुना करे) × *रेटेबल क्षेत्र* ( वर्ग फीट में) × *अधिभोग के प्रकार* ( आवासीय हो तो गुना ×1 और गैर आवासीय या किराए में लगाए गए मकान के लिए ×1.5) × *अलग अलग प्रकार के गैर आवासीय भवनों के प्रयोग के लिए निर्धारित गुनज फैक्टर* × ( अगर दुकान स्वय का हो तो ×1 यदि अन्य का हो तो निर्धारित गुणज फैक्टर) × *सड़कों पर अवस्थिति व निर्माण के प्रकार के आधार पर गुणज फैक्टर* × 2 फीसदी

उदाहरण

किसी व्यक्ति का सौ वर्ग फीट का आवासीय पक्का मकान प्रधान सड़क पर अवस्थित हो तो जिसे मकान मालिक के द्वारा स्वतः उपयोग में लाया जा रहा हो तो उन्हें औसतन 157 /वर्ष होल्डिंग टैक्स देना होगा साथ ही ऐसा ही मकान 20 से 40 फीट के वाले सड़क पर अवस्थित हो तो उन्हें औसतन 125/प्रति वर्ष देना होगा , और यदि ऐसी ही मकान बीस फीट से कम वाली सड़क पर हो तो उन्हें 94/प्रति वर्ष टैक्स देने होंगे ।
वहीं यदि ऊपर बताए गए भवन का यदि किराया वसूल रहे तो आपको प्रति वर्ष इसी का 235 रुपए तक देने होंगे।

दूसरी स्थिति ये है कि यदि ऊपर बताया गया मकान का छज्जा पक्का ना हो कर यदि एल्बेस्टर का छज्जा हो और प्रधान सड़क पर स्थित आवासीय भवन हो जिसे निजी प्रयोग में लाया जा रहा तो आपको औसतन 63/प्रति वर्ष देने होंगे और मुख्य सड़क जो की बीस फीट से अधिक चालीस फीट से कम हो तो आपको 50 रुपए/प्रति वर्ष देने होंगे ।
इसी तरह आप ऊपर दर्शाए गए फार्मूले से अपना होल्डिंग टैक्स निर्धारण कर सकते है या फिर
https://suda.jharkhand.gov.in/jharkhandmunicipal/citizen/select_municipal.php

उपरोक्त लिंक के माध्यम से भी निर्धारण कर सकते ।

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