चौथी किस्त में बड़ा ऐलान कोयला क्षेत्र में कमर्शियल होगी माइनिंग: सरकार का खत्म होगा एकाधिकार

चौथी किस्त में बड़ा ऐलान कोयला क्षेत्र में कमर्शियल होगी माइनिंग: सरकार का खत्म होगा एकाधिकार

NEWS TODAY – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने कोल सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि कोल के आयात को घटाना और कोयला के प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनना है. सही कीमत पर ज्यादा कोयला मुहैया होगा.आपको बता दें कि इस किस्त मेन कोल सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है।

भारत का नाम दुनिया के तीन सबसे बड़े कोयला उत्पादकों में आता है. कोल के लिए ओपन आक्सन होगी. 50 ब्लॉक खनन के लिए आने वाले दिनों में लाया जाएगा.कोल क्षेत्र से जुड़े व्यवसायिक खनन को मंजूर किया जाएगा. कोल क्षेत्र में अब तक सरकार का एकाधिकार रहा है, जो खत्म होगा.कोयला क्षेत्र के इंफ्रास्ट्र्रक्चर ...

कोल के आयात को घटाना और कोयला के प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनना है. सही कीमत पर ज्यादा कोयला मुहैया होगा.कोल के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन के लिए पचास हजार करोड़ खर्च होगा. 500 खनन ब्लॉकों को एक खुले और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए नीलाम किया जाएगा, एल्यूमिनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी पेश की जाएगी.

50 हजार करोड़ रुपए का निवेश CIL (कोल इंडिया लिमिटेड) के 2023-24 तक कोयले के उत्पादन के 1 बिलियन टन के टारगेट को हासिल करने के लिए है.सरकार कोयला क्षेत्र में निर्धारित रुपये / टन व्यवस्था के बजाय राजस्व साझाकरण तंत्र द्वारा प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की शुरुआत करेगी.कोयला क्षेत्र में नीतिगत सुधार किया जायेगा ताकि सस्ते कीमत पर कोयला उपलब्ध कराया का सके और कोयले की उपलब्धता मार्केट प्राइस पर मिल सके.

50 हज़ार करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे. कोयले का उत्खनन बढ़ाया का सकता है. केवल उतना ही कोयला बाहर से लाया जाए जितने की जरूरत है.पहले प्रति टन जितने राजस्व मिलते थे अब साझा करने पर जोर दिया जायेगा. गैस के लिए नए आवंटन किये जायेंगे. राजस्व साझा में सफल बिडर को लाभ मिलेगा.कोल इंडिया लिमिटेड की खदानों के लिए भी निजी निवेशकों के लिए मौके होंगे.वित्त मंत्री ने कहा कि देश के डिफेंस सेक्‍टर में आत्मनिर्भर बनना है. इसलिए सरकार का डिफेंस प्रोडक्शन पर खास जोर होगा. डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया पर फोकस किया जाएगा.

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वही इस किस्त में वित्त मंत्री ने कहा कि देश के डिफेंस सेक्‍टर में आत्मनिर्भर बनना है. इसलिए सरकार का डिफेंस प्रोडक्शन पर खास जोर होगा. डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया पर फोकस किया जाएगा. वहीं उन्होंने कहा कि रक्षा निर्माण में ऑटोमेटिक रूट के अंतर्गत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी की जा रही है. डिफेंस सेक्टर के हथियारों की लिस्ट तैयार होगी. डिफेंस उपकरणों का स्वदेशीकरण किया जाएगा. डिफेंस उपकरणों को देश में बनाने की पहल होगी.

उन्होंने कहा कि चुनिंदा हथियारों की खरीद सिर्फ सरकार करेगी. इसके लिए अलग से बजट होगा. इससे रक्षा आयात खर्च कम होगा और उन कंपनियों को फायदा पहुंचेगा जो भारत में सेना के लिए हथियार बनाएंगी.

 

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