चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने की अडचने ख़त्म

चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने की अडचने ख़त्म

NEWS TODAY – चुनाव आयोग से मान्यता मिलने के बाद अब विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता देने का मामला एक बार फिर तूल पकडऩे लगा है। Jharkhand,Raghubar Das,Babulal Marandiचुनाव आयोग की मंजूरी के बाद अब यह साफ है कि स्पीकर इस मसले को अब अधिक समय तक टाल नहीं सकेंगे। स्पीकर रवींद्र नाथ महतो पर इस मामले को दबाव बढऩे लगा है। माना जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष मामले का पटाक्षेप मानसून सत्र में ही होगा। चुनाव आयेाग के स्तर से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि झारखंड विकास मोर्चा का विलय भाजपा में हो गया है। वहीं झाविमो से अलग हुए अन्य दो विधायकों प्रदीप यादव व बंधु तिर्की के कांग्रेस में विलय को भी आयोग ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह विलय तब किया गया, जब पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं था, इसलिए यह अमान्य है। झाविमो के भाजपा में विलय से पहले बाबूलाल दोनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित भी कर चुके थे।

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वहीँ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने चुनाव आयोग के निर्णय के आलोक में विधानसभा अध्यक्ष से बाबूलाल मरांडी को अविलंब नेता प्रतिपक्ष घोषित करने की मांग एक बार फिर की है। दीपक प्रकाश ने कहा कि झाविमो के भाजपा में संपूर्ण विलय की चुनाव आयोग द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है। परंतु, कांग्रेस पार्टी को देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित करने की आदत हो गई है। कांग्रेस ने  मामले को विवादित बनाने की कोशिश की है।

फिलहाल लॉकडाउन को लेकर सारी गतिविधियां बंद पड़ी हैं। राज्यसभा और विधानसभा का उपचुनाव भी लंबित है। परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की मान्यता पर तमाम कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर विधिसम्मत फैसला लिया जाएगा।

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