• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

चासनाला घटना की 44 वीं बरसी पर झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

1 min read

चासनाला घटना की 44 वीं बरसी पर झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

NEWS TODAY धनबाद चासनाला :: चासनाला की सबसे दर्दनाक दुर्घटना की आज 44 वीं बरसी हैl इस दुर्घटना में 375 मजदूरों ने अपनी जान गँवाई थीl आज झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह समेत सेल प्रबंधक के अधिकारीगण एवं दुर्घटना में शहीद के परिवार वालों ने शहीदों को श्रधांजलि दीl सभी ने 1 मिनट का मौन रखा एवं शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक प्रकट किया।मौके पर विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि चासनाला खान दुर्घटना ने देश को झकझोंर दिया था। घटना के बाद आश्रितों को नियोजन देने की घोषणा की गयी थी। कई लोगों को नियोजन ओर मुआवजा मिला। लेकिन इस घटना में ऐसे कई श्रमिक थे जिनके आश्रित नाबालिग थे। घटना के 43 साल बीत जाने के बाद भी कइयों को अभी तक नियोजन और मुआवजा नहीं मिला सका।वहीं दूसरी तरफ सेल के इडी ने कहा कि ये खान दुर्घटना बहुत ही दर्दनाक थी जिसे याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। खदान में काम करने वाले मजदूर पूरी सेफ्टी से काम करें, ताकि ऐसी दुर्घटना कभी दोबारा ना घटेl चासनाला कोयला खदान की दिल दहला देने वाली घटना आज भी यहां के लोगों की आंखों में जिंदा है। इस दुर्घटना में हर घर से किसी न किसी की मौत हुई थी। उस समय कोलियरी में चारों तरफ सिर्फ सिसकियां ही सुनाई दे रही थी।गौरतलब है कि, 27 दिसंबर 1975 को चासनाला कोलियरी में दिन के 1:30 बज रहे थे, तभी अचानक खदान में विस्फोट हुआ और तेज आवाज के साथ 70 लाख गैलन पानी के सैलाब ने सैकड़ों मजदूरों को अपने आगोश में ले लिया। जिसमें 375 मजदूरों की मौत हो गयी थी।उस समय राहत और बचाव कार्य के लिए कोई संसाधन मौजूद नहीं थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.