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कोरोना वायरस होता जा रहा है और भी  खतरनाक दिमाग पर भी कर रहा हमला

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कोरोना वायरस होता जा रहा है और भी  खतरनाक दिमाग पर भी कर रहा हमला

NEWS TODAY-कोरोना वायरस पूरी दुनिया मे कहर बरसा रहा है. हज़ारो लोगों की मौत हो रही है. इसे खत्म करने की वैक्सीन अब तक तैयार नहीं हुई है. रिसर्च जारी है पर इसी बीच रिपोर्ट मिली है कोरोना वायरस अब और भी ज्यादा ताकतवर होता जा रहा है.

कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इसका असर अब मरीज के बोलने की क्षमता पर भी पड़ने लगा है. कोरोना संक्रमित मरीजों के सिर पर सूजन आने के कारण उनमें सिरदर्द की शिकायत बढ़ती जा रही है. इसके अलावा ऐसे मरीजों में गंध सूंघने और अलग अलग तरह के स्वाद को पहचानने की क्षमता भी घट रही है.

दुनियाभर के न्यूरोलॉ​जिस्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है.कोरोना वायरस ने गले और फेफड़े के साथ अब दिमाग को भी जकड़ना शुरू कर दिया है.विदेशी मीडिया न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना पीड़ित मरीजों में कुछ ऐसा भी है, जिसके दिमाग पर संक्रमण के गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं. एक्सपर्ट ने इसे ब्रेन डिसफंक्शन का नाम दिया है.

इटली के डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों में पिछले कुछ दिनों से बदलाव देखने को मिल रहा है. अब कोरोना के मरीजों में दिमाग में खून के थक्के जमना, सून्न हो जाना, दिमाग में सूजन आना, बोलने में दिक्कत, ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी दौरे जैसे कई लक्षण देखने को मिल रहे हैं. कुछ मामलों में कोरोना का मरीज बुखार और सांस में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने से पहले ही बेसुध हो जाता है. इटली में ऐसे मरीजों के लिए अलग से न्यूरो-कोविड यूनिट शुरू की गई है.

ऐसा नहीं है कि यह बदलाव केवल ​इटली में ही देखने को मिले हैं यह दूसरे देशों के डॉक्टरों ने भी देखा है कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के अलग अलग तरह के केस आने के बाद डॉक्टरों ने कहा है कि दुनिया इसके लिए तैयार नहीं है. फेफड़े डैमेज होने पर वेंटिलेटर से मरीज की मदद की जा सकती है लेकिन दिमाग के लिए अभी तक ऐसी कोई भी तकनीक विकसित नहीं की जा सकी है.

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