कोयला उद्योग में आज से हड़ताल कोल इंडिया को होगा अरबों का नुकसान…

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बी सी सी एल में एक दिन की हड़ताल से एक लाख टन उत्पादन पर पड़ेगा असर

 

NEWSTODAYJ रिपोर्ट : रंजीत कुमार सिन्हा : धनबाद जिले के भूली निर्चीतपुर कॉमर्शियल माइनिंग को मंजूरी समेत केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ केंद्रीय श्रमिक संगठन एटक, बीएमएस, एचएमएस, इंटक और सीटू ने कोयला उद्योग में दो से चार जुलाई तक तीन दिवसीय हड़ताल आज से प्रारंभ है। जिसमे निश्चित पुर कोलियरी में संयुक्त मोर्चा ने पूरी तरह से कोल डिस्पैच को बंद कर दिया।

मुख्य गेट

और सरकार विरोधी नारे लगाए मजदूरों ने बताया कि कमर्शियल माइनिंग कहीं से भी मजदूरों के हक में नहीं है यह केवल पूंजी पतियों को हाथों में देने का काम सरकार कर रही है जिससे कई मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। जिसका आज मजदूरों ने विरोध करते हुए कई कोलवरीयों का चक्का जाम कर दिया है।

डिस्पैच पूरी तरह से ठप

और डिस्पैच पूरी तरह से ठप कर दी गई है।मजदूर नेता ने बताया की अगर सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है तो पूरी तरह से कोल डिस्पैच पूरी तरह से ठप रहेगा।वही अपको बताते चले की अगर असरदार हड़ताल हुई तो कोल इंडिया को अरबों रुपये का नुकसान होगा। 36 से 40 लाख टन उत्पादन और 40 से 45 लाख टन डिस्पैच प्रभावित होगा। सीसीएल को 3 लाख टन उत्पादन और 4 लाख टन डिस्पैच प्रभावित होगा। मालूम हो कि फिलहाल लॉकडाउन के कारण कोल इंडिया का उत्पादन ग्राफ गिरा है।

कोलयारी

वर्तमान में कोल इंडिया रोजाना लगभग 12 लाख टन उत्पादन और 13-14 लाख टन कोयला डिस्पैच कर रही है। लॉकडाउन में पावर प्लांटों से डिमांड कम हो जाने के कारण कोल इंडिया के पास काफी मात्रा में स्टॉक जमा हो गया है। सीसीएल फिलहाल प्रतिदिन लगभग एक लाख टन उत्पादन तथा सवा लाख टन कोयला डिस्पैच कर रही है। सीसीएल में 31 मार्च तक 13 मिलियन टन का कोल स्टॉक हो गया था। अप्रैल से जून तक सीसीएल ने कोल स्टॉक से करीब 30 लाख टन कोयला का डिस्पैच कर दिया है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यूनियनों के साथ एक बैठक बुलायी थी। लेकिन इसमें शामिल होने का बीएमएस ने विरोध किया। इसके बाद अन्य सभी चार मान्यता प्राप्त यूनियनों ने भी इस बैठक में शिरकत नहीं की।

हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठनो की तैयारी पूर्ण

हड़ताल को सफल बनाने को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार मजदूर संगठनों की ओर से एरिया, परियोजना व माइंस में कोयला मजदूरों के बीच पिट मीटिंग की गई। कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में 10-11 जून को पूरे कोयला उद्योग में मजदूर संगठनों‍ ने विरोध दिवस मनाया था। 18 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुल 41 कोल ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गयी थी।

 

इस दिन मजदूर संगठनों ने कोल इंडिया की सभी कंपनियों व एरिया मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन को कोयला सचिव के नाम हड़ताल का नोटिस सौंपा था। मालूम हो कि फिलहाल कोल इंडिया में कार्यरत कर्मियों की संख्या लगभग 2.73 लाख है। 28 अगस्त 2019 को कोयला उद्योग में 100 फीसदी एफडीआइ का फैसला सरकार ने लिया था। इसके बाद कोयला मजदूरों ने 24 सितंबर 2019 को ऐतिहासिक हड़ताल की थी.

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