• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

कोयलांचल में धूमधाम से मनाया गया बिपोतारिणी पूजा देखे वीडियो

1 min read



धनबाद।

धनबाद समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे छोटे खान.9386192053……

कोयलांचल में धूमधाम से मनाया गया बिपोतारिणी पूजा….

(धनबाद) अमर सुहाग पति की लंबी उम्र घर में सुख शांति का प्रतीक माने जाने वाले बिपोतारिणी पूजा आज पुरे कोयलांचल में धूमधाम से मनाया गया कोयलांचल में धनबाद के हीरापुर .,गोविंदपुर निरसा, भूली ,सहित जिले के तमाम हिस्सों में।

बिपोतारिणी पूजा का धूम देखा गया इसमें मुख्य रूप से बांग्ला भाषी समुदाय के लोग मां जगदंबे पर आस्था रखते हुए इस पूजा को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं …..

और मां अंबे की पूजा अर्चना करते हुए अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हैं तथा घर में सुख समृद्धि की कामना करते हैं वही आपको बताते चलें कि..

इस दिन ब्रती पूरा दिन उपवास रखती है और मां बिपोतारिणी की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना मां से करती हैं उसके बाद सिंदूरदान किया जाता है और महिला एक दूसरे से सिंदूर खेलती हैं …

ऐसा ही कुछ नजारा एशिया की सबसे बड़ी श्रमिक नगरी से कुछ दूरी पर बसा भूली बस्ती स्थित मांझी टोला सरस्वती मंदिर में बिपोतारिणी पूजा की धूम देखी गई भारी संख्या में भक्त सुबह से ही मंदिर के पास डर्टी रही सुबह से ही उपवास रखी महिलाओं ने भगवान बिपोतारिणी

की पूजा अर्चना की और एक दूसरे को गले लगाकर सिंदूर खेला वही ब्रती माला बिरजू महतो बताती है कि इस पर्व का कुछ खासा ही महत्व है इस पर्व में ब्रती उपवास रखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है….

और घर में सुख शांति की बाहर आती है वहीं दूसरी तरफ गायत्री देवी बताती है कि इस पर्व में सिंदूर का खास महत्व है जैसे मां जगदंबे लाल रंग के जोड़े में सिंदूर लगाकर सुंदर नजर आती है उसी प्रकार ब्रती भी उनकी पूजा अर्चना करने के बाद सिंदूर खेलती हैं वह बताती है कि ….

सुहाग का प्रतीक माने जाने वाला सिंदूर का एक ही महत्व है इसी पर आस्था रखते हुए सिंदूर का आदान प्रदान किया जाता है वही इस पूरे पूजा के आयोजन में .

अनीता देवी ,सावित्री देवी ,माला बिरजू माहतो , गीता देवी ,रीना देवी ,आदि उपस्थित थे और कार्यकर्ता के रूप में प्रेम कुमार, धनेश्वर महतो ,लक्ष्मण महतो, विकास रवानी, एवं अन्य लोगों की सराहनीय भूमिका रही।

रखे आप को आप के आस पास के ख़बरों से आप को आगे.newstodayjharkhand.com watsaap 9386192053

Leave a Reply

Your email address will not be published.