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एलएनजी, सैन्य उपकरण, सोलर पॉवर, जल मार्ग समेत ऊर्जा क्षेत्र में भारत-रूस के बीच हुए दर्जनों समझौते।

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व्लादिवोस्तोक।

एलएनजी, सैन्य उपकरण, सोलर पॉवर, जल मार्ग समेत ऊर्जा क्षेत्र में भारत-रूस के बीच हुए दर्जनों समझौते।

व्लादिवोस्तोक। एलएनजी, सैन्य उपकरण, सोलर पॉवर, जल मार्ग समेत ऊर्जा क्षेत्र में भारत-रूस के बीच दर्जनों समझौते हुए हैं। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचे यहां पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में दर्जनों समझौतों पर करार हुआ। बता दें कि कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के बाद मोदी की रूस यात्रा कई मायनों में अहम हो जाती है। ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक गुरुवार को होगी जहां मोदी अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। ईईएफ की बैठक से पहले भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें एलएनजी, सैन्य उपकरण, सोलर पॉवर, जल मार्ग समेत ऊर्जा इत्यादि क्षेत्र में दर्जनों समझौते हुए। इस मौके पर राष्ट्रपति पुतिन ने अपने वक्तव्य में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों का रूस में स्वागत भी किया। पुतिन ने कहा कि रूस भारत में मिसाइल प्रणाली बनाने पर विचार कर रहा है। वहीं, मोदी ने अपने भाषण मे कहा कि मुझे व्लादिवोस्तोक आने का सौभाग्य अपने मित्र पुतिन की वजह से मिला है। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं। मोदी ने आगे कहा, वर्ष 2001 में ऐसा ही समिट रूस में हुआ था। उस वक्त मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुझे रूस आने का मौका मिला था। रक्षा उपकरण अब दोनों देशों के सहयोग से भारत में बनेंगे। हम खरीददार और विक्रेता के संबंध से आगे निकल चुके हैं।
इस संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान जो सबसे अहम बात प्रधानमंत्री मोदी ने कही कि भारत-रूस किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में दखल देने के खिलाफ है। यह बात पाक और उसके परम मित्र चीन के लिए भी संकेत था कि वह कश्मीर को लेकर किसी भी पैंतरेबाजी से बचे।

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