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आज से होलाष्टक शुरू। क्लिक करें और जानें इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए…?

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धनबाद।

आज से होलाष्टक शुरू। क्लिक करें और जानें इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए…?

धनबाद। आज से होलाष्टक शुरू हो गया है। आज से लेकर आठ दिनों तक शुभ काम वर्जित रहेगा। मारवाड़ी समाज में इसका बहुत महत्व है। होलाष्टक 14 मार्च यानी आज से हो रहा है। ढाल थापना 17 को सुबह 10.10 बजे से पहले होगा। इसके बाद भद्रा प्रारंभ हो जाएगा। होलिका दहन 20 मार्च को रात्रि नौ बजे और होली 21 मार्च को होगी। जिस दिन होली खेली जाती है, उस दिन होलाष्टक समाप्त हो जाता है।

दरअसल होलाष्टक के पीछे एक कथा है। होलाष्टक के दिन यानी फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी को दैत्य राज हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को बंदी बना दिया था।Image result for आज से होलाष्टक शुरू। इसके बाद वह प्रह्लाद को यातनाएं देने लगा। प्रह्लाद को होलिका में जलाने का प्रयास किया, जिसके लिए उसने अपनी बहन होलिका की मदद ली। लेकिन इसमें होलिका खुद भस्म हो गई और प्रह्लाद बच गए। एक दूसरी कथा के अनुसार इस दिन महादेव ने कामदेव को भस्म कर दिया, जिससे प्रकृति पर शोक की लहर फैल गई। इसके साथ ही शुभ काम होना बंद हो गए।

होली के दिन भगवान शिव से कामदेव ने वापस जीवित होने का का वरदान मांगा, जिसके बाद प्रकृति फिर से आनंदित हो गई। Image result for महादेव ने कामदेव को भस्म कर दियाइन्हीं कारणों से होलाष्टक से लेकर होली के बीच का समय शुभ नहीं माना जाता है। इसके बाद उत्साह के साथ होली बनाई जाती है। फाल्गुन भी हिन्दुओं का अंतिम मास है। इसके बाद नए साल का प्रारंभ एक पक्ष के बाद शुरू हो जाता है।

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