आज से “पानी रोको-पौधा रोपो” अभियान की शुरूआत

आज से “पानी रोको-पौधा रोपो” अभियान की शुरूआत…

संवाददाता-बबलु कुमार !
NEWSTODAYJ:बोकारो:- कोरोना महामारी के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मनरेगा के तहत तीन प्रकार की योजनाओं का संचरण किया जा रहा है। साथ ही जल स्तर में बढ़ावा हेतु सरकार के द्वारा कई सार्थक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 01.06.2020 को सभी प्रखंडों एवं पंचायतो में ” पानी रोको-पौधा रोपो ” अभियान की शुरूआत की गई है। उक्त अभियान की शुरुआत नावाडीह तथा चंद्रपुरा प्रखंड में मंत्री जगरनाथ महतो एवं पेटरवार तथा गोमिया प्रखंड क्षेत्र में गोमिया विधायक डॉ लम्बोदर महतो द्वारा उक्त योजना का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत टीसीबी की 565 एवं वृक्षारोपण से सम्बंधित योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।नियमित अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश-मंत्री जगरनाथ महतों ने बताया कि उक्त योजना के तहत प्रारंभ होने वाले ” पानी रोको-पौधा रोपो ” अभियान को सफल बनाने हेतु सभी प्रखण्ड अंतर्गत पंचायतों में भी योजनाओं को शुभारंभ किया गया है। साथ ही पंचायतवार लक्ष्य की अभिप्राप्ति हेतु इस अभियान का नियमित अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। प्रतिदिन प्रत्येक पंचायत में कम से कम 200 से 250 मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जहां एक ओर हम बड़ी आबादी को रोजगार दे सकेंगे। वहीं दूसरी ओर जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों से जिले के प्रत्येक गांव एवं टोला में वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल को रिस्टोर करने में सफल हो सकेंगे। उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु प्रत्येक पंचायत में औसतन 200 हेक्टेयर अपलेण्ड पर टीसीबी फिल्ड बंडिंग का कार्य इस वितीय वर्ष में सम्पादित किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में टोला में कम से कम 5 योजनाएं संचालित किया जाना है। उन्होंने आगे बताया कि चल रहे आम बागवानी कार्यक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश भी दिया। इसके अलावे उन्होंने अनुभवी कृषक मित्रों से भी अपील करते हुए कहा कि दूसरे कृषकों को भी इससे जुड़ी जानकारी अवश्यक साझा करें, ताकि कृषक प्रेरित होकर इस योजना के तहत लाभान्वित हो सके। पानी रोको पौधारोपण अभियान की शुरुआत की गई है जिसका मुख्य उद्देश जल संरक्षण के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है उन्होंने कहा कि गांव में काम की कोई कमी नहीं है।

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बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत एक हजार एकड़ में पौधा रोपने का लक्ष्य निर्धारित-उप विकास आयुक्त रविरंजन मिश्रा ने बताया कि उक्त योजना के तहत ग्रामीणों को फलदार वृक्ष लगाने व उसकी देखभाल करने संबंधी रोजगार मिलेगा। इसमें सभी आयुवर्ग के श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा एवं महिलाओं को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके लिए भी रोजगार उपलब्ध हो सके। इस योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करेगी। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी। अगले पांच साल तक पौधों को सुरक्षित रखने के लिए सहयोग मिलेगा। उन्हें पौधों का पट्टा भी दिया जायेगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें। पौधारोपण के करीब तीन साल बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होगी। साथ ही फलों की उत्पादकता बढ़ने की स्थिति में फलों को प्रसंस्करण व उसके बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इस योजना के तहत पूरे जिले में एक हजार एकड़ में पौधारोपण के साथ एक लाख बारह हजार पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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