• झारखंड का उभरता न्यूज़ पोट्रल न्यूज़ टुडे झारखंड में आप के गली मोहलले के हर खबर अब आप के मोबाइल तक आप के गली मोहल्ले की हर खबर को हम दिखाएंगे प्रमुखता से हमारे न्यूज़ टुडे झारखंड के संवादाता से संपर्क करे,ph..No धनबाद, 9386192053,9431143077,93 34 224969,बोकारो,+91 87899 12448,लातेहार,+919546246848,पटना,+919430205923,गया,9939498773,रांची,+919334224969,हेड ऑफिस दिल्ली,+919212191644,आप हमें ईमेल पर भी संपर्क कर सकते है हमारा ईमेल है,NEWSTODAYJHARKHAND@GMAIL........झारखंड के हर कोने कोने की खबर अब आप के मोबाइल तक सबसे पहले आप प्ले सटोर पर भी न्यूज़ टुडे झारखंड के ऐप को इंस्टॉल कर सकते है हर तरह के वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे यूट्यूब पर NEWSTODAYJHARKHAND......विज्ञापन के लिए संपर्क करे...9386192053.9431134077

अभिभावक महासंघ की मुख्यमंत्री से मांग सभी बच्चों का बिमा कराए स्कूल-ऑनलाइन पढाई में आँखों में कोई समस्या आए तो कौन जिम्मेवार

1 min read

अभिभावक महासंघ की मुख्यमंत्री से मांग सभी बच्चों का बिमा कराए स्कूल -ऑनलाइन पढाई में आँखों में कोई समस्या आए तो कौन जिम्मेवार

NEWSTODAYJ धनबाद – कोरोनावायरस को लेकर बंद पड़े स्कूलों के द्वारा ऑनलाइन क्लास करवाया जा रहा हैl जिसे लेकर महासचिव मनोज मिश्रा ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन के कारण बच्चों की आंखों में कोई समस्या आती है तो इसके लिए सरकार, निजी स्कूल जिम्मेवार होगा। महासंघ निजी स्कूल, विभाग व सरकार के खिलाफ 50 लाख तक का हर्जाना का दावा ठोकेगा। महासंघ की ओर से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग समेत अन्य को भी प्रतिलिपि भेजी गई है। महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि स्कूल प्रबंधकों को यह निर्देश दिया जाए कि वह सभी बच्चों का बीमा कराए। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा का उद्देश्य यह बताने के लिए है कि हम निजी स्कूलों से पीछे नहीं है।

ये भी पढ़े…

पेटरवार पुलिस ने चलाया सघन वाहन चेकिंग अभियान

झारखंड अभिभावक महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन भेजते हुए कहा है निजी व सरकारी स्कूलों में कोरोना महामारी काल में ऑनलाइन शिक्षा देने की होड़ मची हुई है। इस बारे में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ व मेडिकल विशेषज्ञ से सलाह भी नहीं ली जा रही है। निजी स्कूलों का उद्देश्य किसी तरह अभिभावकों से फीस वसूलना है। अभिभावकों को स्कूल परिसर में आकर कॉपी जमा करने व बाद में ले जाने के लिए बाध्य किया जाता है। इसके लिए सेनेटाइजर व अन्य शर्त का भी ध्यान नहीं रखा जाता है। एक ही ग्रुप के धनबाद के दो पब्लिक स्कूल का नाम सामने आ रहा हैl

Leave a Reply

Your email address will not be published.